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Wednesday, April 19, 2017

रोज़ाना : अशांत सुशांत



रोज़ाना
अशांत सुशांत
-अजय ब्रह्मात्‍मज
दिनेश विजन की फिल्‍म राब्‍ता के ट्रेलर लांच पर सुशांत सिंह राजपूत और फिल्‍म पत्रकार भारती प्रधान के बीच हुई झड़प के मामले में सोशल मीडिया और मीडिया दो पलड़ों में आ गया है। सुशांत का पलड़ा भारी है। फैंस और मीडिया फैंस उनके समर्थन में उतर आए हैं। ऐसा लग रहा है कि गलती भारती प्रधान से ही हुई। अगर उस लांच के वीडियों को गौर से देखें तो पूरी स्थिति स्‍पष्‍ट होगी।
हुआ यों कि सवाल-जवाब के बीच एक टीवी पत्रकार ने कुलभूषण जाधव के बारे में सवाल पूछा,जिन्‍हे कथित जासूसी के अपराध में पाकिस्‍तान ने फांसी की सजा सुनाई है। इस सवाल को सुनते ही थोड़ी देर के लिए खामोशी छा गई। फिर कृति सैनन ने निर्देशक दिनेश विजन का फुसफुसाकर सुझााया कि इस सवाल का जवाब नहीं दिया जाएं। दिनेश विजन ने कहा कि अभी हमलोग इस पर बातें ना करें। सवालों का सिलसिला आगे बढ़ गया। मंच के ठीक सामने बैठी सीनियर भारती प्रधान को यह बात नागवार गुजरी। उन्‍होंने खड़े होकर सवाल किया कि राष्‍ट्रीय महत्‍व के इस सवाल से कैसे बच सकते हैं? मौजूद फिल्‍म स्‍टारों का इसका जवाब देना चाहिए। सुशांत ने कमान संभाली और जवाब नहीं देने के तर्क देने लगे। वही घिसा-पिटा जवाब कि हमें इस विषय की पूरी जानकारी नहीं है। भारती प्रधान ने फिर से जोर दिया तो सुशांत बिफर गए। शब्‍दों को चबाते हुए उन्‍होंने भारती से पूछा कि क्‍या आप राष्‍ट्रीय मुद्दों के सभी सवालों के उत्‍तर दे सकती हैं? सामान्‍य बातचीत अभद्र और एकतरफा हो गई। टी सीरिज के भूषण कुमार ने मामले की नजाकत को समझा और उन्‍होंने सुशांत को शांत किया।
सवाल ही कि पहली बार ही फिल्‍म स्‍टार और निर्देशक कह देते कि हम इस मुद्दे पर नहीं बोलना चाहते या हमें सही जानकारी नहीं है। वैसे देश के जागरूक नागरिक और एक्‍टर होने के नाते उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे सभी समसामयिक घटनाओं से वाकिफ रहें। ऐसे इवेंट में ही पत्रकारों को गैरफिल्‍मी जरूरी मुद्ददों पर सवाल करने के मौके मिलते हैं। बच्‍चन और खान जैसे अनुभवी स्‍टार सवालों को ढंग से डील कर लेते हैं। नए स्‍टार अहंकार और स्‍टारडम के नशे में जरूरी सवालों का मजाक बनाते हैं और उन्‍हें टालते हैं। सुशांत को अशांत होने की जरूरत नहीं थी।