Search This Blog

Showing posts with label खारिज करने का दौर. Show all posts
Showing posts with label खारिज करने का दौर. Show all posts

Wednesday, August 9, 2017

रोजाना : खारिज करने का दौर



रोजाना
खारिज करने का दौर
-अजय ब्रह्मात्‍मज
बकवास...बहुत बुरी फिल्‍म है...क्‍या हो गया है शाह रूख को...इम्तियाज चूक गए। जब हैरी मेट सेजल के बारे में सोशल मीडिया की टिप्‍पणियों पर सरसरी निगाह डालें तो यही पढ़ने-सुनने को मिलेगा। हर व्‍यक्ति इसे खारिज कर रहा है। ज्‍यादातर के पास ठोस कारण नहीं हैं। पूछने पर वे दाएं-बाएं झांकने लगते हैं। यह हमारे दौर की खास प्रवृति है। किसी स्‍थापित को खारिज करो। पहले मूर्ति बनाओ। फिर पूजो और आखिरकार विसर्जन कर दो। हम अपने देवी-देवताओं के साथ यही करते हैं। फिल्‍म स्‍टारों के प्रति भी हमारा यही रवैया रहता है। थिति इतनी नकारत्‍मक हो चुकी है कि अगर आप ने फिल्‍म के बारे में कुछ पाम्‍जीटिव बातें कीं तो ये स्‍वयंभू आलोचक(दर्शक) आप से ही नाराज हो जाएंगे और ट्रोलिंग होने लगेगी1 जब हैरी मेट सेजल सामान्‍य मनोरंजक फिल्‍म है।
सच्‍चाई क्‍या है? हिंदी फिल्‍मों के ढांचे में जकड़ी यह फिल्‍म किसी सा‍हसिक प्रयोग से बचती है। इम्तियाज अली ने खुद की रोचक शैली विकसित कर ली है। यह उसी शैली की फिल्‍म है। उनके किरदारों(प्रेमियों) का बाहरी विरोध नहीं होता। कोई दीवार नहीं बनता। कोई खलनायक भी नहीं होता। वे खुद के झंझावातों से जूझ रहे होते हैं। संगत और सोहबत में वे खुद को पा लेते हैं। और फिर एक-दूसरे को चाहने लगते हैं। समस्‍या यह है कि हिंदी फिल्‍मों के अधिकांश दर्शकद पॉपुलर फिल्‍मों में कथ्‍य की पुरानी धुरी पर टिके रह कर ही नया आस्‍वादन चाहते हैं। इम्तियाज अली हैरी और सेजल को मिलवाने में उन किरदारों के मिजाज के खिलाफ जाते हैं। हम जिन किरदारों के साथ चल रहे होते हैं। वे ही हमारा हाथ झटक देते हैं।
बहरहाल,किसी भी फिल्‍म का बिजनेस इन दिनों खास महत्‍व रखता है। उस लिहाज से देखें तो जब हैरी मेट सेजल ने वीकएंड में 45.75 करोड़ का लेक्‍शन किया है। बाहुबली,टयूबलाइट और जॉली एलएलबी इससे ऊपर हैं। पहले तीन दिनों में जब हैरी मेट सेजल का कलेक्‍शन 15 करोड़ के आसपास ही रहा। हां,कलेक्‍शन में आवश्‍यक बढ़ोत्‍तरी होती तो परिणाम उत्‍साजनक रहता। फिर भी कह सकते हैं कि दर्शकों की निष्‍ठा विपरीत नहीं हुई है। यह जरूर हुआ है कि शाह रूख खान और इम्तियाज के साथ होने से अपेक्षाएं ज्‍यादा बड़ी और ऊंची थी। माना जा रहा कि इससे शाह रूख खान को जरूरी छलांग मिलेगी। छलांग नहीं लगी,फिर भी जब हैरी मेट सेजल को खारिज करना उचित नहीं होगा। हां,निर्देशक और कलाकारों ने इस फिल्‍म के बारे में दर्शकों को ढंग से नहीं बताया।