आज परिवार के साथ रहेंगी विद्या बालन


-अजय ब्रह्मात्मज
            विद्या बालन इन दिनों मोहित सूरी निर्देशित हमारी अधूरी कहानीकी शूटिंग कर रही हैं। मुंबई में शूटिंग करने से घर लौट आने की सुविधा मिलती है। वैसे नाइट शिफ्ट की अपनी दिक्कतें होती हैं। विद्या मानती हैं कि इस फिल्म के लिए चुने जाने से वे बेहद खुश हैं। इच्छा थी कि कभी महेश भट्ट के साथ काम करने का मौका मिले। वे डायरेक्शन से रिटायर हो चुके हैं,इसलिए वह इच्छा तो पूरी नहीं हो सकती। लिहाजा विद्या बालन ने उनकी लिखी फिल्म में काम करने से संतोष किया। विद्या मानती हैं कि भट्ट साहब खुले स्वभाव के व्यक्ति हैं। द़निया के तमाम विषयों पर उनका अलग नजरिया रहता है। उनके साथ बैठने और बातें करने से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
            हमारी अधूरी कहानीमहेश भट्ट के माता-पिता करी प्रेमकहानी से प्रेरित है। महेश भट्ट ने अपनी आत्कथात्मक फिल्मों में उनकी जिंदगी की झलकियां दिखाई हैं। इस बार उस प्रेमकहानी का संदर्भ रहेगा,जो अधूरी सी रह गई। फिल्म के बारे में अभी कुछ भी जाहिर करने से संकोच करती हैं विद्या। वह कहती हैं,‘अभी तो हम शूटिंग ही कर रहे हैं। फिल्म रिलीज होने में काफी देर है। हम कलाकारों पर बंदिशें भी रहती हैं। अभी इतना ही कहूंगी कि परिणीताके बाद लव स्टोरी कर रही हूं। बीच में सलाम-ए-इश्ककी थी,लेकिन उसे खालिस लव स्टोरी नहीं कह सकते। नौ सालों के बाद लव स्टोरी कर रही हूं। किसी ने सच ही कहा है कि दिल से कुछ चाहो तो पूरी कायनात उसे पूरा करने में जुट जाती है।वह इस फिल्म के संयोग के बारे में कहती हैं,‘मैं आशिकी 2’ देख कर निकल रही थी तो मैंने मोहित से कहा था कि मैं आप के साथ कोई फिल्म करना चाहूंगी। बाद में भट्ट साहब से भी बात हुई थी। मैंने उनसे भी अपनी बात कही। कुछ दिनों के बाद उनकी तरफ से यह ऑफर मिला। बहुत खुश हूं मैं। अनोखा अनुभव है यह। अब एक इच्छा बची है कि कभी गुलजार साहब के साथ काम करने का मौका मिले।
            विद्या बालन का जन्मदिन 1 जनवरी को पड़ता है। इस दिन पूरी दुनिया नए साल के आगमन का जश्न मनाती है। क्या कभी ऐसा हुआ कि इसकी वजह से उनके जन्मदिन का समारोह छूट गया हो या घर में कहा गया हो कि क्यों अलग से कुछ और किया जाए? इस सवाल पर विद्या हंसने लगती हैं। वह कहती हैं,‘मैंने हमेशा दोस्तों और घर वालों के साथ जन्मदिन और नए साल का जश्न मनाया है। यह सिलसिला आज भी जारी है। अभी एक ही फर्क पड़ा है कि दोस्तों की बधाई के कॉल दोपहर के बाद आते हैं। वे सभी नए साल के जश्न की रात के बाद देर से जागते हैं और फिर कॉल करते हैं। 1 जनवरी को जन्मदिन होने का यह फायदा ही है कि मेरा जन्मदिन सभी को याद रहता है। हर साल की तरह इस साल भी परिवार के साथ ही सेलिब्रेट करूंगी। पाप रिटायर हो गए हैं। उनके साथ समय बिताना अच्छा लगता है। मुझे लगता है कि साल के पहले दिन परिवार के साथ रहो तो पूरे साल उनके साथ रहने के अधिक अवसर मिलते हैं।विद्या बालन स्पष्ट करती हैं कि उनकी पैदाइश 1979 की है। किसी ने कभी 1978 लिख दिया तो हर जगह वही छपता है। वह बताती हैं कि इंटरनेट पर उनके बारे में गलत जानकारी है कि वह केरल में पैदा हुईं। वह जोर देकर कहती हैं,‘आप लिखें कि मैं मुंबई के चेंबूर में पैदा हुई और मेरी पैदाइश 1979 की है।
            विद्या बालन आश्चर्य करती हैं कि पत्रकार और प्रशंसक सब कुछ याद रखते हैं। वह किस्सा सुनाती हैं,‘एक बार किसी ने मुझ से अपनी पसंद का परफ्यम पूछा। मैंने कोई नाम बताया तो वे कहने लगे आप गलत कह रही हैं। आप की पसंद का परफ्यूम तो यह है। मैंने उन्हें समझाया कि पसंद बदल भी सकती है न?’ इसके बावजूद उन्हें खुशी है कि इससे प्रशंसकों की दिलचस्पी का अंदाजा लगता है। इस तरह का प्यार बना रहे। मैं खुशियां बांटना चाहती हूं। मेरी मुस्कराहट में गर्मजोशी रहती है। वह आगे कहती हैं,‘मैं सामाजिक उद्देश्यों के लिए भी कुछ करती रहती हूं। उसके पीछे यही नजरिया रहता है कि अपनी पहचान और साख से लोगों के लिए कुछ करूं। मेरा मानना है कि हर सेलिब्रिटी को सोशल कॉज के लिए कुछ न कुछ करना चाहिए।
            विद्या बालन शूटिंग के दौरान अन्य गतिविधियों पर ध्यान नहीं देतीं। वह स्क्रिप्ट भी नहीं सुनतीं या पढ़तीं। वह बताती हैं,‘अगली फिल्म के बारे में अभी फैसला नहीं किया है। दक्षिण अफ्रीका जाने के पहले कुछ स्क्रिप्ट पढी थी,लेकिन अभी वे सब होल्ड पर हैं। एक बात अच्छी हो रही है कि मुझे ध्यान में रख कर स्क्रिप्ट लिखी जा रही हैं।
           

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