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Tuesday, May 14, 2013

औरत हूं तो सवाल पूछते हैं? -माधुरी दीक्षित


-अजय ब्रह्मात्‍मज 
शादी के बाद हिंदी फिल्मों की अभिनेत्रियां धीरे-धीरे अनेक प्रकार के दबावों की वजह से रुपहले पर्दे से गायब होने लगती हैं।निर्माता-निर्देशक और दर्शकों की रुचि उनमें कम होने लगती है। उन्हें हिंदी फिल्मों के अभिनेताओं की तरह लंबी उम्र नहीं मिलती। यही वजह है कि कुंवारी रहने पर उम्र बढऩे के साथ उन्हें तवज्जो नहीं दी जाती। अभिनेत्रियां इसे सहज तौर पर स्वीकार करती हैं। अभिनय क्षेत्र में सक्रिय रहने की लालसा रहन परे उन्हें सहयोगी,चरित्र और मां-बहन की भूमिकाएं ही मिल पाती हैं। कुछ ही अभिनेत्रियां अपवाद बन पाती हैं। उन्हें केंद्रीय किरदार मिलते हैं। उन्हें दर्शक भी पसंद करते हैं। उनकी फिल्मों का इंतजार करते हैं। मााधुरी दीक्षित ऐसी अभिनेत्रियों में से एक हैं। अभी वह निर्माता अनुभव सिन्हा की सौमिक सेन निर्देशित गुलाब गैंग में प्रमुख भूमिका निभा रही हैं।वह अभिषेक चौबे की डेढ़ इश्किया भी कर रही हैं,जिसके निर्माता विशाल भारद्वाज हैं। अभी दो हफ्ते के अंदर 15 मई को अपने जीवन के 46 वसंत पूरे करेंगी। उनकी सक्रियता और समर्पण से अचंभा होता है। सहसा मुंह से निकलता है इस उम्र में भी?
    कभी आप उनके सामने हों तो भूल कर भी न तो ऐसा कहें या पूछें? हम ने यही गलती कर दी थी। वह नवी मुंबई में एक वीरानी सी जगह पर सौमिक सेन की फिल्म गुलाब गैंग की शुटिंग कर रही थीं। दोपहर का समय था। तेज हवा चल रही थी,जो अपने साथ धूल भी उड़ा रही थी। गर्मी और धूल से भरी उस दोपहरी में माधुरी दीक्षित एक्शन दृश्यों की शूटिंग कर रही थीं। फिल्म की खलनायिका जूही चावला के गुडों से उन्हें भिडऩा था। फाइट कोरियोग्राफर कनिष्क शर्मा के निर्देश के मुताबिक वह अपनी सहेलियों के साथ उनसे जूझ रही थीं। इमोशन दृश्यों से अलग डांस और एक्शन के दृश्यों में प्रमुख अभिनेता या अभिनेत्री को बाकी कलाकारों और डांसर फाइटर के साथ संगति बिठानी पड़ती है। एक्शन दृश्यों में पारंगत अभिनेताओं को भी रिटेक देने पड़ते हैं। माधुरी दीक्षित कभी कैमरे,कभी लाइट तो कभी किसी और टेक्नीकल कारण से बार-बार एक्शन दोहरा रही थीं। एक्शन दृश्यों में उनकी संलग्नता और दक्षता दिख रही थी। फाइट कोरियाग्राफर कनिष्क शर्मा ने बताया कि डांसर होने की वजह से माधुरी दीक्षित एक्शन के स्टेप्स आसानी से दोहरा लेती हैं। डांस की तरह एक्शन में भी लय होती है। और उनका समर्पण देखने लायक है। अमूमन ऐसे दृश्यों में बॉडी डबल का इस्तेमाल किया जाता है,लेकिन माधुरी दीक्षित ने स्वयं इन्हें करना पसंद किया।
    उनके इसी समर्पण को देख हम ने कह दिया ़ ़ ़इस उम्र में ़ ़ ़अभी हमारी बात पूरी भी नहीं हुई थी कि माधुरी पूछ बैठीं। किस उम्र में? मेरी उम्र क्या है? अगर हीरो इस उम्र में एक्शन करें और वे कर भी रहे हैं तो कोई सवाल या आश्चर्य नहीं करता। मैं कर रही हूं तो यह सवाल क्यों? इसलिए न कि मैं औरत हूं। दर्शकों और आम नागरिकों के ऐसे सवालों की के पीछे पुरुष मानसिकता झलकती है। जमाना बदल गया है। समाज के सभी क्षेत्रों में महिलाएं पुरुषों के समकक्ष योगदान कर रही हैं। अब ऐसे सवाल नहीं किए जाने चाहिए। फिल्मों के सेट पर ही देख लें। इस फिल्म के प्रोडक्शन की निगरानी एक लडक़ी कर रही है। दूसरे विभागों को भी लड़कियां संभाल रही हैं। माधुरी यह भी नहीं मानतीं कि उनके करिअर में कोई गैप आया है। उन्होंने कहा, आप देखें तो मैं लगातार काम कर रही हूं। बीच में शादी और बच्चों की वजह से थोड़ी छुट्टी ली थी। मेरी समकालीन अभिनेत्रियां यहां रहते हुए जितना काम कर पा रही हैं। मैं अमेरिका से आकर उतना ही काम कर रही हूं। और जब तय किया कि अब फिल्मों पर अधिक ध्यान देना है तो सपरिवार भारत आ गई।
    भारत आने की वजह पूछने पर उन्होंने दोटूक जवाब दिया,मैं हिंदी फिल्मों की अभिनेत्री हूं। मुझे अपना काम यहीं मिल सकता है। मेरे पति चिकित्सक हैं। दुनिया में कहीं भी उनकी सेवाएं ली जा सकती हैं। हम दोनों ने बहुत सोच-समझ कर यह फैसला लिया। मेरे मां-पिता बुजुर्ग हो गए हैं। उन्हें भी देखभाल की जरूरत है। इन सबसे भी बड़ी बात यह थी कि मैं अपने बेटों को भारतीय संस्कृति से परिचित कराना चाहती थी। किताबों,इंटरनेट या कभी-कभी आने-जाने से मिला परिचय आधा-अधूरा ही रहता। अभी सभी खुश हैं। मैं फिल्में कर रही हूं। मेरे पति भी व्यस्त हैं।
    माधुरी दीक्षित गुलाब गैंग के साथ डेढ़ इश्किया भी कर रही हैं। इस फिल्म में उन्हें नसीरूद्दीन शाह और अरशद वारसी के साथ काम करने का मौका मिला है। गुलाब गैंग में वह जूही चाावला के साथ हैं। जूही के साथ यह उनकी पहली फिल्म होगी। गुलाब गैंग में दोनों अभिनेत्रियां आमने-सामने दिखाई पड़ेंगी। माधुरी दीक्षित ने बताया,गुलाब गैंग धमाकेदार एक्शन फिल्म है। इसके पहले दो फिल्मों में मैंने एक्शन दृश्य किए हैं। दर्शकों को लगता है कि मृत्युदंड में मैंने ज्यादा एक्शन किया था। सच तो यह है कि मैंने उस से ज्यादा एक्शन अंजाम में किया था। गुलाब गैंग बिल्कुल अलग किस्म की एक्शन फिल्म है। सौमिक सेन ने इस फिल्म का निरूपण अनोखे तरीके से किया है। सौकिम सेन ने माधुरी को मुख्य भूमिका देने की वजह पूछने पर कहा,मुझे सिर्फ एक्शन ही नहीं दिखाना है। दस फिल्म में नाटकीय दृश्य भी हैं। कोई सशक्त अभिनेत्री ही इस भूमिका को निभा सकती थी। हम ने माधुरी दीक्षित को राजी किया। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि माधुरी को इस अंदाज में दर्शकों ने अभी तक नहीं देखा है।
    फिल्म के निर्माता अनुभव सिन्हा माधुरी दीक्षित को घोर प्रोफेशनल अभिनेत्री मानते हैं। सौमिक सेन की पसंद से सहमत होने के बारे में पूछने पर उनहोंने कहा,मैंने पंकज पाराशर की फिल्म राजकुमार में असिस्ट किया था। उनसे तभी का परिचय था। गुलाग गैंग की शूटिंग थोड़ी टफ थी,लेकिन मुझे कभी कोई शिकायत सुनने को नहीं मिली। माधुरी पुराने और नए दौर की संधि हैं। उन्होंने दोनों दौर की अच्छी बातों को अपना लिया है। काम के समय वह अपनी इमेज और रुतबे की परवाह नहीं करतीं। उनके लिए फिल्म के दृश्य सबसे अधिक महत्वपूर्ण होते हें?
   

3 comments:

आनंद said...

बिलकुल ठीक डांटा...‍

sujit sinha said...

क्या कीजियेगा कभी इअसे ही भोलेपन में डांट खानी ही पड़ती है | अभी हाल में एक वर्कशॉप के दौरान मुझे भी एक खाली जगह भरने को दिया गया था , a receptionist is very ......(beautiful/handsome/any of them). मैंने फाटक से beautiful भर दिया था | अवचेतन की गहरी सफाई जरूरी है |

sujit sinha said...

कभी कभी एईसे ही भोलेपन में डांट खानी ही पड़ती है |जो जरूरी भी है |हम आप कैसे ऐसे सोच लेते हैं ? बहुत सारीनिरर्थक बातें अवचेतन में गहरा गयी है | लाख कुरचने पर भी रह ही जाती है | एक वर्कशॉप के दौरान एक खाली जगह भरने को दी गयी थी |
A receptionist is very....
सबों ने beautiful भरा | किसी को भी handsome या स्मार्ट या कुछ और शब्द नही सुझा |