Search This Blog

Saturday, December 6, 2008

फिल्म समीक्षा:दिल कबड्डी

** 1/2
एडल्ट कामेडी
अनिल सीनियर ने दिल कबड्डी में विवाहेतर संबंध के पहलुओं को एक नए अंदाज में वयस्क नजरिए से रखा है। विवाहेतर संबंध पर बनी यह कामेडी फिल्म कहीं भी फूहड़ और अश्लील नहीं होती और न ही हंसाने के लिए द्विअर्थी संवादों का सहारा लिया गया है। पति-पत्नी के रिश्तों में बढ़ती दूरी का कारण तलाशते फिल्म बेडरूम तक पहुंचती है और वहां के भेद खोलती है। हिंदी फिल्मों में सेक्स लंबे समय तक वर्जित शब्द रहा है। दिल कबड्डी इस शब्द से परहेज नहीं करती।
इरफान खान और सोहा अली खान पति-पत्नी हैं। एक-दूसरे से ऊब कर दोनों अलग रहने का फैसला करते हैं। बाद में दोनों के नए संबंध बनते हैं। उनके अलग होने पर हाय-तौबा मचाने वाली कोंकणा सेन शर्मा पति को छोड़ कर एक मैगजीन के तलाकशुदा संपादक राहुल खन्ना से शादी कर लेती है। उसका पति राहुल बोस तलाक के पहले से अपनी छात्रा पर डोरे डाला करता है। फिल्म का हर किरदार अपने रिश्ते से नाखुश है। वह किसी और में सुख तलाश रहा है। मजेदार प्रसंग यह है कि इरफान और सोहा फिर साथ रहने लगते हैं।
यह हमारे समय का दबाव है या रूढि़यों का टूटना है? नाखुश दंपति अवसर पाकर नए संबंधों का सहारा लेने से नहीं चूकते। अनिल सीनियर ने महानगरों में फैल रहे इस ट्रेंड को अलग अंदाज में पेश किया है। फिल्म की कहानी एक रेखीय नहीं है और न ही शुरूआत, मध्य और अंत जैसी पारंपरिक स्क्रिप्ट है। यह फिल्म वयस्क दर्शकों के लिए है जिसे संतुलित और समझदार किस्म की फिल्म में शुमार किया जा सकता है। इरफान खान एक बार फिर छाए हुए हैं। सोहा अली खान की मेहनत नजर आती है। कोंकणा सेन शर्मा और राहुल बोस स्वाभाविक हैं। उनकी बक-झक के दृश्य भी नेचुरल हैं। फिल्म में राहुल खन्ना कमजोर पड़ गए हैं। पायल रोहतगी लाउड हैं और शायद इसी के लिए उन्हें रखा गया था। अनिल सीनियर पहली फिल्म में उम्मीद जताते हैं।
मुख्य कलाकार : इरफान खान, सोहा अली खान, कोंकणा सेन शर्मा, राहुल खन्ना, पायल रोहतगी और राहुल बोस आदि।
निर्देशक : अनिल सीनियर
तकनीकी टीम : निर्माता- शैलेश सिंह, गीत- सचिन गुप्ता, विराग मिश्रा, राहत फतह अली खान, शब्बीर अहमद।, संगीत- सचिन गुप्ता और ध्रुव ढल्ला

इरफान खान पर चवन्नी चैप में अन्य सामग्रियां...

http://chavannichap.blogspot.com/2008/12/blog-post_03.हटमल

http://chavannichap.blogspot.com/2008/08/blog-post_24.html

1 comment:

Anonymous said...

महोदय,
आपके ब्लॉग से जान पड़ता है कि आप बॉलीवुड से जुड़े पत्रकार हैं| यदि ऐसा है तो आप से एक निवेदन है - बॉलीवुड में जो भी फिल्में और गाने बनते हैं, आप उनकी तभी समीक्षा कीजिये यदि वे नवीन हो. वरना साफ़ तौर पे बताईये कि ये गाना या फ़िल्म, फलाने कि कॉपी है. जैसे कि "दिल कबड्डी" हु-बहु "Husbands And Wives" से चुराई है|
कई सरे चुराए हुए गानों कि सूची आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं - http://www.itwofs.com/
धन्यवाद